UP Board Result 2026: इस दिन से शुरू होगी कॉपी चेकिंग, इस बार एक नया नियम लागू

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UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड 2026 की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं और अब 50 लाख से ज्यादा छात्रों को रिजल्ट का इंतजार है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी UPMSP 18 मार्च से कॉपी चेकिंग शुरू कर सकता है। इस बार बोर्ड ने एक नया नियम भी लागू किया है, जिसके तहत अंग्रेजी माध्यम की आंसर शीट्स सिर्फ अंग्रेजी के योग्य परीक्षक ही जांचेंगे। हर विषय की कॉपी उसी विषय के जानकार शिक्षक जांचेंगे, जिससे गलतियों की गुंजाइश कम होगी।

18 मार्च से शुरू होगी कॉपी जांच, 249 केंद्रों पर होगा काम

यूपी बोर्ड परीक्षाएं खत्म होते ही 18 मार्च से कॉपी चेकिंग शुरू होने की संभावना है। पूरे राज्य में 249 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं जहां 10वीं और 12वीं की करीब 3 करोड़ कॉपियां जांची जाएंगी। इस काम के लिए लगभग 1.5 लाख शिक्षक नियुक्त किए गए हैं जो अलग-अलग केंद्रों पर तैनात रहेंगे। बोर्ड ने तय किया है कि चेकिंग 18 मार्च से 31 मार्च तक चलेगी। इस दौरान हर केंद्र पर एक तय संख्या में कॉपियां रोज़ाना जांची जाएंगी ताकि समय पर काम पूरा हो सके। पिछले साल के मुकाबले इस बार केंद्रों की संख्या और निगरानी दोनों बढ़ाई गई हैं।

कैसे होती है यूपी बोर्ड की कॉपी चेकिंग

यूपी बोर्ड की कॉपी जांच की प्रक्रिया बेहद सख्त और व्यवस्थित तरीके से होती है। सबसे पहले परीक्षा खत्म होते ही हर उत्तर पुस्तिका को एक खास कोड नंबर दिया जाता है ताकि परीक्षक को यह पता न चले कि कॉपी किस छात्र की है। इस कोडिंग सिस्टम की वजह से जांच पूरी तरह निष्पक्ष रहती है। इसके बाद विषय के जानकार शिक्षकों को उनकी विशेषज्ञता के हिसाब से परीक्षक के रूप में चुना जाता है। चेकिंग शुरू होने से पहले सभी परीक्षकों को बोर्ड की तरफ से ट्रेनिंग दी जाती है और हर विषय की मार्किंग स्कीम समझाई जाती है ताकि हर कॉपी एक जैसे तरीके से जांची जाए। सभी केंद्रों में CCTV कैमरे लगे रहते हैं, परीक्षकों के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कमरे के बाहर रखवाए जाते हैं और जांच के दौरान केंद्र के गेट बंद रहते हैं। कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर नहीं आ सकता।

इंग्लिश की कॉपियां अब सिर्फ अंग्रेजी टीचर ही जांचेंगे

इस बार यूपी बोर्ड ने कॉपी चेकिंग में एक बड़ा और अहम बदलाव किया है। UP बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को साफ निर्देश दिए हैं कि दसवीं और 12वीं की अंग्रेजी माध्यम की आंसर शीट्स सिर्फ अंग्रेजी के योग्य परीक्षक ही जांचेंगे। इन कॉपियों के बंडल भी बाकी कॉपियों से अलग तैयार किए गए हैं ताकि गलती से कोई और इन्हें न जांच ले। बता दें कि पहले ऐसा कोई नियम नहीं था, जिसकी वजह से कई बार अंग्रेजी माध्यम की कॉपियां हिंदी माध्यम के परीक्षकों से जांच जाती थीं और इसे लेकर शिकायतें भी आती थीं। इस नए नियम से उस समस्या पर लगाम लगेगी और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के साथ ज्यादा सटीक मूल्यांकन होगा।

लापरवाही हुई तो परीक्षक के खिलाफ होगी कार्रवाई

बोर्ड ने इस बार परीक्षकों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। साफ कहा गया है कि अगर मूल्यांकन में कोई गलती पाई जाती है तो उस कॉपी के परीक्षक और उप प्रधान परीक्षक दोनों को जिम्मेदार माना जाएगा। वहीं, अगर कोई परीक्षक ड्यूटी पर तैनात होने के बावजूद कॉपियां नहीं जांचता या बीच में छोड़कर चला जाता है, तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बोर्ड पूरी चेकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की कोशिश में है ताकि किसी भी छात्र के साथ नाइंसाफी न हो।

अप्रैल के दूसरे-तीसरे हफ्ते में आ सकता है रिजल्ट

यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 2026 अप्रैल के दूसरे या तीसरे हफ्ते में आने की उम्मीद है। पिछले सालों के आंकड़े देखें तो 2025 में कॉपी जांच 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चली थी और 2024 में यह 16 मार्च से 31 मार्च तक हुई थी। दोनों ही साल रिजल्ट चेकिंग खत्म होने के 10-15 दिन के अंदर घोषित हुआ था। इस बार चेकिंग 18 से 31 मार्च तक होगी, इसलिए अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक रिजल्ट आ सकता है। रिजल्ट आने के कुछ दिन बाद मार्कशीट भी मिलेगी। छात्र अपना रिजल्ट UPMSP की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे।