NIOS program for students India: केंद्र सरकार अब ऐसे बच्चों के लिए नई पहल शुरू करने जा रही है जो पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं या बोर्ड परीक्षा में फेल होने के बाद स्कूल नहीं जा रहे। ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि देश में लाखों बच्चे सिर्फ फेल होने के डर या पढ़ाई में रुकावट की वजह से स्कूल से दूर हो रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के लिए नई योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत उन्हें दोबारा पढ़ाई से जोड़ने और परीक्षा पास करने के ज्यादा मौके देने की तैयारी की जा रही है।
रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
शिक्षा मंत्रालय ने यह कदम Periodic Labour Force Survey 2023-24 की रिपोर्ट देखने के बाद उठाया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में 14 से 18 साल की उम्र के करीब 2 करोड़ बच्चे ऐसे हैं जो स्कूल नहीं जा रहे। वहीं कक्षा 3 से 8 के लगभग 11 प्रतिशत बच्चे भी स्कूल से बाहर हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षाओं में फेल हो जाते हैं। यही वजह है कि कई छात्र पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं, जिससे स्कूल छोड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
स्कूल से दूर बच्चों को फिर जोड़ा जाएगा
अब स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग राज्यों के साथ मिलकर ऐसे बच्चों की पहचान करने की तैयारी कर रहा है जो किसी कारण से पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इसके लिए जिला स्तर पर सर्वे कराया जाएगा और जिन बच्चों का नाम स्कूल से कट गया है या जो लंबे समय से स्कूल नहीं जा रहे, उन्हें दोबारा दाखिला दिलाने की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान में राज्यों की मदद ली जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचा जा सके और उन्हें फिर से पढ़ाई से जोड़ा जा सके।
ओपन स्कूल के जरिए मिलेगी पढ़ाई की सुविधा
सरकार इस पहल में ओपन स्कूलों की मदद भी लेने वाली है ताकि जिन छात्रों के लिए नियमित स्कूल जाना मुश्किल है, उन्हें भी पढ़ाई का मौका मिल सके। इसमें राष्ट्रीय मुक्त शिक्षा संस्थान यानी NIOS की भूमिका अहम रहेगी। ओपन स्कूल के जरिए ऐसे बच्चों को पढ़ाई जारी रखने का विकल्प मिलेगा और वे अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकेंगे। स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के लिए नई योजना के तहत उन्हें परीक्षा देने और पढ़ाई जारी रखने का आसान रास्ता दिया जाएगा।
परीक्षा पास करने के ज्यादा मौके मिलेंगे
एनआईओएस के माध्यम से इन छात्रों को दाखिले में ज्यादा लचीलापन दिया जाएगा और सख्त नियमों की जगह आसान व्यवस्था रखी जाएगी। छात्रों को परीक्षा पास करने के कई मौके मिलेंगे और ऑन डिमांड परीक्षा का विकल्प भी रहेगा, यानी छात्र अपनी तैयारी के हिसाब से परीक्षा दे सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें वोकेशनल सर्टिफिकेट कोर्स भी कराए जाएंगे जिनकी मान्यता दूसरे बोर्ड की तरह ही होगी, जिससे पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार से जुड़े कौशल भी सीखने का मौका मिलेगा।
हर जिले में बच्चों की पहचान कर मदद दी जाएगी
मंत्रालय की योजना है कि जिला स्तर पर सर्वे के जरिए ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो पढ़ाई से दूर हो चुके हैं। इसके लिए ‘NIOS मित्र’ कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जिसमें लोगों की एक टीम बच्चों तक पहुंचकर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी और दाखिले से लेकर पढ़ाई तक हर कदम पर मदद करेगी। इसके साथ ही देश भर में एनआईओएस के स्टडी और परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी है, ताकि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के लिए नई योजना के जरिए ज्यादा से ज्यादा छात्रों को फिर से पढ़ाई से जोड़ा जा सके।








