यूपी में 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत, वेतन में 8 से 11 हजार तक बढ़ोतरी UP Outsourcing Employees Salary Hike

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UP Outsourcing Employees Salary Hike: मिशन 2027 से पहले उत्तर प्रदेश राज्य की योगी सरकार ने प्रदेश के करीब 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। लंबे समय से वेतन बढ़ाने और समय पर भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारियों को अब राहत मिलती दिख रही है। सरकार ने मानदेय में बढ़ोतरी के साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं भी जोड़ दी हैं। इसके साथ ही भर्ती की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है, ताकि निजी एजेंसियों की मनमानी कम हो और कर्मचारियों को तय नियमों के अनुसार काम और भुगतान मिल सके और सरकार यह फैसला बहुत ही लाभकारी होने वाला है।

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी

सरकार ने अलग-अलग पदों पर काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर तकनीकी सहायकों तक के मानदेय में करीब 8 हजार से 11 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे उन कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा जो लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे थे। नया वेतन लागू होने के बाद कई कर्मचारियों की मासिक आमदनी पहले के मुकाबले ज्यादा हो जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में थोड़ी राहत आने की उम्मीद है।

वेतन के साथ अब ईपीएफ और ईएसआई का लाभ

मानदेय बढ़ाने के साथ सरकार ने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का भी फैसला किया है। अब आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को वेतन के साथ 13% ईपीएफ और 3.25% ईएसआई की सुविधा भी मिलेगी। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों के भविष्य और इलाज से जुड़ी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। पहले कई जगहों पर कर्मचारियों को ऐसी सुविधाएं नहीं मिलती थीं, जिससे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नई व्यवस्था के बाद यह लाभ सीधे उन्हें मिल सकेगा।

नियुक्ति की नई व्यवस्था और निजी एजेंसियों पर रोक

पहले आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति का काम ज्यादातर निजी एजेंसियों के माध्यम से होता था। कई बार कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि एजेंसियां मनमानी करती हैं और समय पर पूरा वेतन नहीं मिलता। इन शिकायतों को देखते हुए सरकार ने अब यूपी आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के जरिए नियुक्तियां करने की व्यवस्था बनाई है। इससे नियुक्ति प्रक्रिया सीधे निगरानी में रहेगी और कर्मचारियों को काम मिलने से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया ज्यादा साफ और आसान मानी जा रही है।

नई दरें तय, शिक्षण सेवाओं के लिए अलग मानदेय

सरकार ने आउटसोर्सिंग के जरिए काम करने वाले अलग-अलग पदों के लिए न्यूनतम मानदेय भी तय कर दिया है। इसके तहत डॉक्टरों को करीब 40 हजार रुपए तक वेतन दिया जा सकेगा। वहीं शिक्षण सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए करीब 25 हजार रुपए तक मानदेय तय किया गया है। बताया जा रहा है कि इन नई दरों का उद्देश्य यह है कि अलग-अलग विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को तय सीमा से कम वेतन न दिया जाए और सभी जगह एक समान व्यवस्था बनी रहे।

बजट बढ़ाकर कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त राशि

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि कर्मचारियों के लिए बजट में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने विभाग का कुल बजट बढ़ाकर करीब 2223.84 करोड़ रुपए कर दिया है, जो पिछले बजट से लगभग 426 करोड़ रुपए ज्यादा है। सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त राशि से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय और अन्य सुविधाओं को लागू करने में मदद मिलेगी और आगे भी व्यवस्था को इसी तरह जारी रखा जाएगा।